परंपराओं का संरक्षण
आधुनिक पीढ़ी के लिए।
हम मानते हैं कि आज के डिजिटल युग में भी एक सफल वैवाहिक रिश्ता साझी संस्कृति, सही जानकारी और पूर्ण पारिवारिक भरोसे पर ही टिकता है।
हमने क्यों शुरू किया
रायपुर, भिलाई, बिलासपुर और आसपास के सभी नगरों में, देवांगन (कोष्ठ) समाज ने हमेशा रिश्ते तय करने के लिए पारिवारिक संबंधों और समाज के आयोजनों पर भरोसा किया है। लेकिन जैसे-जैसे हमारे बच्चे उच्च शिक्षा और नौकरी के लिए देश के विभिन्न शहरों में गए, पारंपरिक तरीके से रिश्ते तलाशना थोड़ा मुश्किल होने लगा।
कई माता-पिता ने हमें बताया कि बड़े नेशनल मैट्रिमोनी पोर्टल्स पर उन्हें सही मार्गदर्शन नहीं मिलता, जहाँ हमारा समाज केवल एक ड्रॉपडाउन लिस्ट का हिस्सा होता है और बिना जांचे कोई भी प्रोफाइल बना लेता है।
इसी समस्या को हल करने के लिए देवांगन संगी साथी का निर्माण किया गया। हमारा प्रयास है कि पारंपरिक गोत्र मिलान और कठिन मैन्युअल जांच को एक आसान और निःशुल्क मोबाइल ऐप के जरिए समाज के हर परिवार तक पहुँचाया जाए।
स्थानीय प्राथमिकता
छत्तीसगढ़ की माटी और संस्कृति से जुड़े होने के कारण, हम उन पारिवारिक मूल्यों को समझते हैं जो एक रिश्ते को स्थायी बनाते हैं।
परिवार केंद्रित
हमने ऐप में ऐसी सुविधाएं दी हैं जिससे माता-पिता और भाई-बहन भी साथ मिलकर रिश्ते देख सकते हैं और चर्चा कर सकते हैं।
समाज सेवा का यह प्रयास निरंतर जारी है। दुर्ग, राजनांदगांव, कोरबा या जगदलपुर से आने वाली हर सफलता की कहानी हमें और तेजी से प्रोफाइल जांचने तथा परिवारों को जोड़ने की नई ऊर्जा देती है।
केवल एक
एल्गोरिदम नहीं।
जीवनसाथी चुनना केवल कंप्यूटर डेटा से नहीं, बल्कि विचार-व्यवहार, पारिवारिक सहमति और संस्कारों के मिलान से होता है। हमने अपने फिल्टर और सर्च व्यवस्था को उसी समझ के साथ बनाया है जो घर के बड़े-बुजुर्ग रिश्ता सुझाते समय रखते हैं।
500+
सफल शादियां
10k+
परिवार

